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124000 नबियों का आगमन। पार्ट--1

 यदि हम बाइबल के अध्याय  "उत्पत्ति" के अनुसार आकलन करते हैं कि वर्ष 2025 तक पृथ्वी पर कुल कितने नबियों का अवतरण हुआ है तो आप जान कर हैरान होंगे कि यह संख्या 124000 है। यद्यपि बाइबल में इन सभी नबियों का पूर्ण विवरण उपलब्ध नहीं है किंतु अब्राहम धर्म के वंशज के रूप में इस्लाम इस विषय को सहर्ष स्वीकार करता है कि पृथ्वी पर अभी तक 124 000 नबियों ,पैगंबरों अथवा रसूलों का आगमन हो चुका है। सबसे पहले तो हमें यह पता होना चाहिए कि पैगंबर, नबी अथवा रसूल के क्या कार्य है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो इन सभी का कार्य मनुष्य जाति के पास ईश्वर का पैगाम पहुंचाना है अथवा सुसमाचार देना है ताकि मनुष्य ईश्वर के बताए नियमों पर चलकर अपने जीवन को सफल बना सके और मृत्यु के पश्चात परमनिर्णय के दिन स्वयं को स्वर्ग में प्रवेश पाने योग्य बना सके। सभी पैगंबरों में आदम पहला पैगंबर माना जाता है। परमेश्वर ने एडम (आदम)और ईव(हव्वा)को मिट्टी से बनाया और बाइबल के अनुसार आदम 930 वर्ष तक जीवित रहे। यदि बाइबल के अनुसार संपूर्ण घटनाक्रमको देखा जाए तो आदम का जन्म लगभग 4114 ईसा पूर्व में हुआ था। आदम से नूह तक का समय अंतर...

कर्म दग्धबीज से क्या अभिप्राय है?

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तत्र ध्यानजमनाशयम्।। योग०4.6।।  महर्षि पतंजलि कहते हैं कि जो ध्यान योग से सिद्ध चित् है, वह यथार्थ ज्ञान से अनाशयम्- कर्मवासना और क्लेशवासना से रहित होता है। अर्थात् कर्मों से बंधा हुआ नहीं होता है। क्योंकि इस प्रकार की आत्मा के कर्म दग्धबीज अर्थात् जले हुए बीजों के समान होने से फिर फलाभिमुख नहीं होते हैं। और जब योग के बल से सभी कर्मों के फलों का नाश हो जाता है, तब वह जीव मोक्ष की स्थिति में पहुंचता है।

यथार्थ ज्ञान से कर्मबंधन का विनाश

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 सम्यग् दर्शन सम्पन्नः , कर्मभिर्न निबध्दयते । दर्शनेन   विहीनस्तु,   संसारं  प्रतिद्यते।। मनुस्मृति 6:51।। जिसने भली भांति परमात्मा का अनुभव व साक्षात्कार कर लिया है वह सांसारिक कर्मों के बंधन में नहीं बंधता अर्थात कर्म बंधन से मुक्त होकर जन्म-मरण के चक्र से छूट कर मोक्ष प्राप्त कर लेता है। किंतु जो परमात्मा के अनुभव और दर्शन से रहित है ,वह संसार में जन्म ग्रहण करता रहता है अर्थात् जन्म- मरण और दुखों को झेलता रहता है।